कोरोना राहत राशि में घोटाला हो रहा या यह तकनीकी गड़बड़ी है?

कोरोना राहत के रूप में करीब एक करोड़ अडसठ लाख परिवारों को एक हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है. इस बीच कुछ लोगों की शिकायत है कि उन्हें कंफर्मेशन मैसेज तो आ गया पर राशि नहीं आयी.

इस मामले में नेत प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी, यह आर्थिक अनियमितता का गंभीर मामला है। ज़रूरतमंदो के खाते में नाममात्र की आर्थिक मदद Transfer भी नहीं हुई है लेकिन SMS पहुँच गया है। कृपया जाँच और आवश्यक कारवाई की जाए। महामारी के दौर में ऐसा आर्थिक अपराध करने वालों को कड़ी सजा दी जाए।

इस मामले में एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि उसके खाते में 500 की राशि ही आयी है.

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उधर राष्ट्रीय जनता दल ने अपने आफिसियल ट्विटर हैंडल से लिखा है कि अधिकांश निर्धन बिहारवासियों के एकाउंट में भी सरकारी दावे के उलट कोई आर्थिक मदद नहीं पहुँची है! वहीं एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें मैसेज तो आया पर पैसे क्रेडिट नहीं हुए! #कोरोना राहत के नाम पर भी घोटाले/लीकेज शुरू.

मंत्री नीरज कुमर का पक्ष

इस संबंध में बिहार सरकार के सूचना एंव जनसम्पर्क मंत्री नीरज कुमार ने नौकरशाही डाट काम को बताया है कि लाखों की संख्या में खाता धारकों को पैसे भेजने के दौरान कुछ तकनीकी समस्याये आती हैं. कई बार सर्वर की समस्या होती है तो कई बार मानवीय भूल भी संभव है. उन्होंने कहा कि ऐप के माध्यम से या किसी भी डिजिटल तकनीक के द्वार राशि के ट्रांस्फर में पूरी तरह पार्दर्शिता रहती है. जो लोग इस मामले को तूल दे रहे हैं उन्हें जनना चाहिए कि तकनीकी समस्यायें भी आती हैं. नीरज कुमार ने कहा कि जिन लोगों के अकाउंट में पैसे नहीं पहुंचे हैं उन्हें दो तीन दिनों तक प्रतीक्षा करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग इस काम की मानिटरिंग कर रहा है.

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