प्रतीकात्‍मक प्रतिनिधित्‍व नहीं चाहते हैं नीतीश, इसलिए भाजपा का प्रस्‍ताव अस्‍वीकारा

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक जनता दल यूनाइटेड और अपना दल से मोदी सरकार में किसी को मंत्री नहीं बनाया गया है। जदयू के प्रमुख एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के पहले ही कहा कि वह सरकार में सांकेतिक रूप से भागीदार नहीं बनना चाहते हैं लेकिन वह राजग के हिस्सा बने हुये हैं।

जदयू को एक मंत्री पद दिया गया था जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता मोदी सरकार में सांकेतिक भागीदारी के लिए तैयार नहीं हुये। श्री कुमार ने कहा कि बिहार में राजग की सरकार चल रही है और केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होना जरूरी नहीं है।  बिहार में जदयू के 16 सांसद निर्वाचित हुये हैं।
अपना दल राजग में शामिल है और पिछली मोदी सरकार में इस पार्टी की ओर से राज्य मंत्री रही अनुप्रिया पटेल को इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। अपना दल ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ तालमेल कर चुनाव लड़ा था और उसके दो प्रत्याशी विजयी हुये थे।

उधर, लोकसभा में इस बार रिकार्ड संख्या में महिलाओं के जीतने के बावजूद मोदी सरकार में उनका प्रतिनिधत्व घटा है। पिछली मोदी सरकार में नौ महिला मंत्री थी, लेकिन इस बार मंत्रिपरिषद में छह महिलाओं को ही जगह मिली है। कैबिनेट में महिलाओं की संख्या छह से घट कर तीन रह गयी हैं।
इस बार निर्मला सीतारमन, हरसिमरत कौर और स्मृति ईरानी को कैबीनेट मंत्री बनाया गया है। ये तीनों पिछली सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थीं। पिछली सरकार में सुषमा स्वराज, उमा भारती और मेनका गांधी कैबिनेट मंत्री थीं, जिन्हें इस बार मौका नहीं मिला है। इनमें से दो श्रीमती स्वराज और सुश्री भारती ने चुनाव नहीं लड़ा था, जबकि श्रीमती मेनका गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से चुनाव जीतकर आठवीं बार लोकसभा पहुंची है।

पिछली सरकार में साध्वी निरंजन ज्योति,  कृष्णा राज और अनुप्रिया पटेल तीन महिला राज्य मंत्री थी। इस बार भी तीन महिलाओं को राज्यमंत्री बनाया गया है। इनमें साध्वी निरंजन ज्योति दूसरी बार मंत्री बनी है जबकि छत्तीसगढ़ से रेणुका सिंह और पश्चिम बंगाल की देवाश्री चाैधरी पहली बार मंत्री बनी हैं। ये दोनों पहली बार लोकसभा में पहुंची है।

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