5 साल में बदलाव की क्रांति लाने की नीतीश ने बना ली महायोजना

5 साल में बदलाव की क्रांति लाने की नीतीश ने बना ली महायोजना

सुशासन के कार्यक्रम, 2020-2025 के अंतर्गत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025) एवं अन्य कार्यक्रमों को लागू करने तथा इसके कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति देने के संबंध में।

1. वर्ष 2020 के विधान सभा के चुनाव तथा सरकार के गठन के पश्चात् ‘‘न्याय के साथ विकास’’ के सिद्धान्त के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखते हुए आगामी 5 वर्षों में बिहार के विकास के लिए सुशासन के कार्यक्रम, 2020-2025 के तहत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025) कार्यक्रम को संपूर्ण राज्य में लागू किया जाएगा। आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025)

युवा शक्ति

1. युवा शक्ति – बिहार की प्रगति 7 निश्चय के तहत बिहार में युवाओं के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं। उच्च शिक्षा के लिए बिहार स्टूडंेट क्रेडिट कार्ड योजना, युवाओं को रोजगार ढूंढने में मदद करने हेतु स्वयं सहायता भत्ता योजना, युवाओं को कम्प्यूटर, संवाद कौशल एवं व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण देने हेतु कुशल युवा जैसे कार्यक्रमों को चलाया गया है। ये सभी कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। अब इनके साथ साथ युवाओं को और बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। साथ ही बिहार में उद्यमिता को और बढ़ावा दिया जाएगा जिससे कि युवा स्वयं उद्यमी बन सकें और अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकें।

हर जिले में मेगा स्किल सेंटर

ऽ संस्थानों में गुणवत्ता बढ़ाने की योजना पिछले पाँच वर्षों में जिला एवं अनुमण्डल स्तर पर कई संस्थानों का निर्माण कराया गया है। इसी को आगे बढ़ाते हुए अब राज्य के प्रत्येक आई0टी0आई॰ एवं पाॅलीटेक्निक संस्थानों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय सेंटर आॅफ एक्सेलेंस बनाया जाएगा। इनमें आई0टी0आई॰ एवं पाॅलीटेक्निक में पढ़ रहे बच्चों को वर्तमान उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप उच्चस्तरीय एवं नई तकनीक वाले क्षेत्रों में, जिनकी बाजार में ज्यादा मांग है यथा सोलर, ड्रोन तकनीक, आॅप्टिकल फाइबर एवं नेटवर्किंग, ट्रांसफाॅरमर मैनुफैक्चरिंग इनफाॅरमेशन टेक्नोलाॅजी इत्यादि जैसे कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों की बाजार में मांग रहेगी तथा इन्हें बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। ऽ हर जिले में मेगा-स्किल सेन्टर (मार्गदर्शन, नयी स्किल में प्रशिक्षण) वैसे युवा जो आई0टी0आई॰ एवं पाॅलीटेक्निक में नहीं पढ़ रहे हैं और नए कौशल का प्रशिक्षण पाना चाहते हैं, उनके लिए हर जिले में कम से कम एक मेगा स्किल सेंटर खोला जाएगा।

यहाँ पर लोकप्रिय एवं उपयोगी स्किल्स यथा एपरल मेकिंग, रेफरीजरेटर, एयर कंडिशनिंग, सोलर पैनल मेकेनिक, व्यूटी एवं वेलनेस ट्रेनिंग, बुजुर्गोंं एवं मरीजों की देखभाल के लिए केयर गीभर जैसे क्षेत्रों में अल्प अवधि का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा जिनकी बाजार में मांग रहती है।

हर प्रमंडल में ट्रेंनिंग सेंटर

ऽ टूल रूम (हर प्रमण्डल में) प्रत्येक प्रमण्डल में टूल रूम एवं ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। टूल रूम में कई ़क्षेत्रों के नवीन एवं अत्याधुनिक मशीनें एक स्थान पर उपलब्ध रहती हैं। इनमें आई0टी0आई॰ एवं पाॅलीटेक्निक से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को अत्याधुनिक मशीनों पर नई तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी। 10वीं एंव 12वीं पास युवकों के लिए भी इनमें दीर्घकालीन प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। इनसे प्रशिक्षण पाने के पश्चात् युवाओं को उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में रोजगार मिलने में सहूलियत होगी।

स्किल डेवलपमेंट एवं उद्यमिता विभाग का गठन

ऽ स्किल एवं उद्यमिता हेतु नया विभाग (आई0टी0आई0/पाॅलीटेक्निक सहित) स्किल डेवलपमेंट तथा उद्यमिता पर विशेष बल देने हेतु एक अलग विभाग स्किल डेवलपमेंट एवं उद्यमिता विभाग का गठन किया जाएगा जिसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई0टी0आई॰)ए पाॅलीटेक्निक को समाहित किया जाएगा। उद्यमिता को बच्चों के कोर्स करिकुलम का हिस्सा बनाया जाएगा जिससे कि राज्य में उद्यमिता संस्कृति का और विकास हो सके। युवाओं को अपना व्यवसाय अथवा उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे स्वयं उद्यमी बने तथा साथ में दूसरों को भी रोजगार दे सकें।

ऽ केन्द्र सरकार की योजना के तहत तकनीकी शिक्षा हिन्दी में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

मेडिकल और इंजीनियरिंग युनिवर्सिटी की स्थापना

ऽ बिहार में चिकित्सा शिक्षा एवं अभियंत्रण शिक्षा को सुदृढ़ करने हेतु एक चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं एक अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। साथ ही बिहार में खेल कूद को बढ़ावा देने हेतु अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एवं स्पोर्ट्स एकेडमी, राजगीर के परिसर में एक खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।

ऽ उद्यमिता विकास हेतु अनुदान/प्रोत्साहन युवाओं के लिए न सिर्फ उच्च स्तर के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है बल्कि उनको अपना उद्यम/व्यवसाय लगाने के लिए सरकार मदद करेगी। नया उद्यम अथवा व्यवसाय के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा तथा अधिकतम 5 लाख का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा।

20 लाख से ज्यादा नये अवसर

ऽ सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार के 20 लाख से ज्यादा नये अवसर सृजित किए जाएंगे। 2. सशक्त महिला, सक्षम महिला ऽ महिला उद्यमिता हेतु विशेष योजना महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी जिसमें उनके द्वारा लगाए जा रहे उद्यमों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 5 लाख रूपये तक का अनुदान तथा अधिकतम 5 लाख रूपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा। ऽ उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहन – उच्चतर शिक्षा हेतु प्रेरित करने के लिये इन्टर उत्तीर्ण होने पर अविवाहित महिलाओं को रू0 25,000 तथा स्नातक उत्तीर्ण होने पर महिलाओं को रू0 50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। ऽ क्षेत्रीय प्रशासन में आरक्षण के अनुरूप महिलाओं की भागीदारी क्षेत्रीय प्रशासन यथा पुलिस थाना, प्रखंडों, अनुमंडल एवं जिलास्तरीय कार्यालयों में आरक्षण के अनु

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