मोदी की वापसी के सारे रास्‍ते बंद

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस की भूमिका को कामयाब बताते हुए कहा है कि पिछले पांच साल के दौरान पार्टी ने प्रभावी ढंग से जनता के मुद्दे उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर सत्ता में आने से रोकने के लिए उनके सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

श्री गांधी ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि श्री मोदी की सत्ता में वापसी के रास्ते रोकने के लिए पिछले दो साल से लगातार और व्यवस्थित तरीके से काम किया गया है और उनके बचने के करीब 90 प्रतिशत रास्ते बंद कर दिए गए हैं और शेष दस प्रतिशत रास्ते लोगों को गाली देकर बंद करने में उन्होंने खुद ही हमारी मदद की है।

उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कोई भी विपक्ष भाजपा के साथ जाने वाला नहीं है। उन्होंने नाम लेकर कहा कि श्री मोदी ने तेलुगु देशम पार्टी के नेता चंद्र बाबू नायडू के साथ कैसा व्यवहार किया है यह सभी ने देखा है और ऐसी स्थिति में क्या श्री नायडू उनके साथ खड़े हो सकते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में यदि पार्टी की सरकार बनती है तो उसको सफल बनाने में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी का अनुभव अहम होगा। भाजपा के तीन सौ से ज्यादा लोकसभा की सीटें जीतने के दावे पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब 23 मई को मिल जाएगा। विपक्षी दलों के गठबंधन की सरकार बनाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में भी चुनाव परिणाम आने के बाद ही विचार किया जाएगा।

 

गांधी ने कहा कि मोदी सरकार पिछले पांच साल में असफल साबित रही है और प्रधानमंत्री ने उनकी सरकार के कामकाज को लेकर उठाए गए विपक्ष के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दिया तो उनकी पार्टी किसानों, बेरोजगारों, आर्थिक हालात, वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) जैसे कई जमीनी मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में गई और जनता को मोदी सरकार की नाकामयाबी को समझाने में सफल रही।

उन्होंने चुनाव आयोग पर भी हमला किया और आरोप लगाया कि आयोग ने आरंभ से ही पक्षपाती रवैया अपना है और श्री मोदी के प्रति सहज रुख अपनाए रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने श्री मोदी के हिसाब से चुनावी कार्यक्रम तैयार किया है लेकिन यह संवैधानिक संस्था है और कांग्रेस का उस पर पूरा भरोसा है इसलिए पार्टी पूरे चुनाव के दौरान चुपचाप आयोग पर भरोसा करती रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*