सिवान भाजपा: यादव व ब्रह्मण नेताओं ने खीच ली हैं एक दूसरे के खिलाफ तलवारें, चरम पर है जुबानी जंग

सिवान में शहाबुद्दीन के सियासी पतन के बाद भाजपा ससक्त होके उभरी थी. लेकिन सम्प्रदायवाद की राजनीति करने वाली भाजपा के अंदर इन दिनों जातिवाद पर आधारित जुबानी जंग में उलझ गयी है. इस जंग के दो योद्धा हैं  सांसद ओम प्रकाश यादव व विधायक टुन्ना पांडेय.

मोहम्मद इंतखाब आलम

भाजपा की सिवान इकाई में बड़े नेताओं की बयानबाज़ी ने मामला सरगर्म कर दिया है। फ़िलहाल भाजपा की सिवान इकाई कई धड़ों में बँटी हुई है। सिवान सांसद ओमप्रकाश यादव और टुन्ना जी पांडेय के बीच बयानों के बाण चल रहे हैं। दोनों ही ओर से सिलसिलेवार एक दूसरे पर निशाना साधा जा रहा है।

 

सांसद की ओर से कमान संभाला है उनके पुत्र हैप्पी यादव ने और उधर एमएलसी महोदय ख़ुद पिच पर उतर आए हैं। मामला शुरू हुआ टुन्ना जी पांडेय के उस बयान से जिसमे उन्होंने कहा कि सांसद महोदय चुनाव के समय तो ब्राह्मणों से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं लेकिन चुनाव बाद उन्हें गालियां देते हैं। यादव यहीं नहीं रुके, आगे उन्होंने कहा कि सांसद ओमप्रकाश यादव, शहाबुद्दीन के नाम पर जीतते आ रहे हैं।

यादव बनाम ब्रह्मण, वर्चस्व की लड़ाई

एमएलसी टुन्ना पांडेय के इस बयान ने सियासी पारा उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। अब बारी थी सांसद ओमप्रकाश यादव के काउंटर अटैक की, मगर सासंद की ओर से उनके पुत्र हैप्पी यादव सामने आए और टुन्ना पांडे का मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि राजनीति में कभी जनता की कसौटी पर खड़ा हो कर पंचायत का वार्ड चुनाव तक नहीं जीत सके हैं और चुनौती लोकसभा विजयी नेता को दे रहे हैं।

 

 

सांसद पुत्र की ललकार से आगबबूले हुए एमएलसी टुन्ना  पांडेय ने जवाब में कहा कि जो लड़का मेरे आगे जन्मा है वह आज चल रहा है मुझे राजनीति सिखाने और रह गई बात जनता के बीच रहने की तो सिवान की जनता जानती है कि कौन ज़िले के लोगों के बीच रहता है और कौन दूर।

 

ये तो सिर्फ़ हाल के बयान थे, इससे पहले भी भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंह का ब्राह्मणों को गलियाते हुए ऑडियो क्लिप वायरल हो चुका है और कोआपरेटिव चुनाव में मनोज सिंह को हराने में भाजपा के नेताओं की संलिप्तता के चर्चे भी ज़ोरों पर थे। वर्तमान परिस्थिती में ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह से कंफ्यूज़ हैं. उन्हें समझ नही आ रहा है कि ओमप्रकाश के पीछे खड़े रहे या टुन्ना जी के या मनोज सिंह के पीछे। उधर इस अनुकूल परिस्थिती में राजद का ज़िला इकाई लगातार मज़बूत हुआ है, अवध बिहारी चौधरी फ़ैक्टर भी राजद के कुनबे को मज़बूती प्रदान कर रहा है और हिना शहाब की सक्रियता ने भी राजद कार्यकर्ताओं के लिए उत्साह का वजह बना हुआ है. राजद भाजपा के इस आंतरिक कलह को भुनाने में कोई कसर नही छोड़ना चाहता है। राजद समर्थकों का कहना है कि अब सिवान की जनता विकास को तरस रही है, जहां शहाबुद्दीन के फण्ड का सारा पैसा कॉलेज खोलने में लगा वहीं ओमप्रकाश सिवान को नरक में ढकेल अपने फण्ड का इस्तेमाल गोपालगंज में कर रहे हैं।

 

 

जनता अब शहाबुद्दीन के नेगेटिव मार्केटिंग पर वोट बिल्कुल नहीं करेगी, अब विकास ही लोगों का मुख्य मुद्दा है। भाजपा की सिवान इकाई अपने शीर्ष नेताओं के आपसी झगड़े से पेसोपेश में है और उनके मनोबल वर्तमान सांसद का विकास के प्रति उदासीन रवैय्ये के कारण पस्त हैं।

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