तय मानिए, अब मुखिया-सरपंच का कार्यकाल बढ़ेगा

तय मानिए, अब मुखिया-सरपंच का कार्यकाल बढ़ेगा

बिहार में पंचायत चुनाव कराना फिलहाल असंभव है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आज पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की। अब तय मानिए कि कार्यकाल बढ़ेगा।

कोरोना महामारी की स्थिति देखते हुए यह स्पष्ट है कि फिलहाल पंचायत चुनाव कराना असंभव है। सरकार के पास दो विकल्प हैं। वह पंचायतों का अधिकार प्रशासन के हाथ में दे दे या वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दे।

आज विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने लगातार तीन ट्विट करके कहा कि प्रशासन के हाथ में पंचायत का अधिकार देना लोकतंत्र को कमजोर करेगा। उन्होंने राज्य सरकार से वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की। कहा-सरकार से मांग है कि कोरोना महामारी के आलोक में पंचायत चुनाव स्थगित होने के कारण आगामी चुनाव तक त्रिस्तरीय पंचायती प्रतिनिधियों का वैकल्पिक तौर पर कार्यकाल विस्तारित किया जाए जिससे की पंचायत स्तर पर कोरोना प्रबंधन के साथ-साथ विकास कार्यों का बेहतर समन्वय के साथ क्रियान्वयन हो सके।

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तेजस्वी ने इस ट्विट के कुछ देर बाद फिर ट्विट किया-पंचायत लोकतंत्र की बुनियादी इकाई है। अगर निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की जगह प्रशासनिक अधिकारी पंचायतों का जिम्मा सम्भालेंगे तो यह भ्रष्टाचार व तानाशाही बढ़ाएगा। अब गॉंव स्तर पर भी सरकारी अफ़सर फाइल देखने लगेंगे तो गरीब की सुनवाई नहीं होगी। लोकतंत्र के लिए चुने हुए लोग जरुरी हैं।

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इसके साथ ही तेजस्वी ने कहा-बिहार पहले से ही नीतीश सरकार की तानशाही और लोकतंत्र की हत्या से परेशान है। अब कम से कम पंचायत और वार्ड स्तर पर तो इस अलोकतांत्रिक रवैये, तानाशाही और संगठित भ्रष्टाचार को फैलाने से परहेज़ किजीए।

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