तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अब संसद घेरेंगे देश के किसान

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अब संसद घेरेंगे देश के किसान

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रांतों के किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संसद घेरेंगे। तारीख का ऐलान जल्द करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद घेरने की रणनीति बना ली है। घेराव मई महीने में होगा। जल्द ही बैठक करके घेराव की तारीख तय होगी। किसान नेता राकेश टिकैत कई किसान महापंचायतों में घोषणा करते रहे हैं कि देश के किसान लाखों ट्रैक्टर के साथ संसद का घेराव करेंगे। अब संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद घेरने का निर्णय ले लिया है।

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किसान नेताओं ने कहा कि संसद घेरो कार्यक्रम में किसानों के साथ बेरोजगार युवा, महिलाएं भी सामिल होंगे। संसद घेराव कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। इस बात के लिए विशेष तैयारी की जाएगी, ताकि कोई बाहरी तत्व संसद घेराव कार्यक्रम में अराजकता पैदा न करे। किसान नेताओं ने कहा कि संसद घेराव कार्यक्रम के लिए किसान अपने ट्रैक्टर से दिल्ली की सीमा तक आएंगे, उसके बाद पैदल घेराव करने के लिए मार्च करेंगे।

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किसान नेताओं ने आज संसद के घेराव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए 10 अप्रैल को कुंडली-मनेसर-पलवल एक्सप्रेसवे को 24 घंटे के लिए जाम किया जाएगा।

मिट्टी से बनेगा शहीद किसानों का स्मारक

उधर, कल गुजरात से एक खास यात्रा शुरू हुई है। इसे मिट्टी सत्याग्रह यात्रा नाम दिया गया है। इसकी शुरुआत कल ही गुजरात के दांडी से शुरू हुई। यह यात्रा गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, प. उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली बार्डर पर पहुंचेगा। यहां विभिन्न प्रदेशों की मिट्टी से शहीद किसानों का स्मारक बनाया जाएगा।

किसान नेताओं ने आज प्रेस वार्ता में बताया कि एक मई को मजदूर दिवस मनाया जाएगा। इस दिन बड़ी संख्या में किसानों के साथ मिलकर मजदूर मे डे मनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई लंबी है और हम तबतक पीछे नहीं हटेंगे, जबतक तीनों कानून सरकार वापस नहीं लेती।

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