पूर्व वित्त मंत्री का आंकलन, नीतीश की रैली पर इतने करोड़ होंगे खर्च

पूर्व वित्त मंत्री का आंकलन, नीतीश की रैली पर इतने करोड़ होंगे खर्च

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने बिहार में नीतीश सरकार पर सरकारी खर्च पर चुनाव प्रचार करने पर सवाल उठाये है.

बिहार चुनाव को लेकर राज्य के सियासी गलियारों में एक दूसरे दलों पर आरोपों का सिलसिला जारी है. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायन्स (UDA) के राष्ट्रीय संयोजक यशवंत सिन्हा ने कहा की बिहार सरकार चुनाव प्रचार में जनता का पैसा उपयोग कर रही है जो शोभनीय नहीं है. उन्होंने कहा कि “बिहार सरकार 70 करोड़ रूपयेर डिजिटल वैन से चुनाव प्रचार करने पर खर्च कर रही है. चुनावो में जनता का पैसा उपयोग करना कहा तक जायज़ है ” ?, उन्होंने संवाददाता सम्मलेन में नीतीश सरकार से सात सवाल पूछे है.

पूर्व वित्त मंत्री ने एक अखबारी रिपोर्ट की क्लिपिंग दिखाया जिसमें बताया गया है कि नीतीश कुमार की 6 सितम्बर को होने वाली रैली में 45 डिजिटल वैन की इस्तेमाल किया जायेगा. बिहार के 8 हजार पंचायतों में डिजिटल वैन पर कम से कम 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

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देश की अर्थवयवस्था पर बोलते हुए पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा की देश की आर्थिक हालत का बदतर हो जाना Act of God (खुदा का किया हुआ) कम और सरकार किया हुआ ज़्यादा है. कहा की चुनावो में बड़े पैमाने पर बेहिसाब पैसा लगाया जा रहा है. इलेक्टोरल बांड्स (Electoral Bonds) ने चुनावो में गैर राजनीतिक स्रोतों से आने वाले धन को मुमकिन बना दिया है. मेरी पूर्व पार्टी (भाजपा) तो चुनाव में बेहिसाब पैसा बहाने के लिए मशहूर है.

याद दिला दें की यशवंत सिन्हा पिछले कुछ समय से बिहार के कई ज़िलों का दौरा कर चुके है. इसके तहत छपरा, सीवान, गोपालगंज, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण और शिवहर ज़िलों का दौरा उन्होंने किया है. पूर्व ब्यूरोक्रेट यशवंत सिन्हा पहले बीजेपी के कद्दावर नेता रह चुके है. उन्होंने भाजपा छोड़कर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायन्स का गठन किया था.

उन्होंने कहा की देश की अर्तव्यवस्था कोरोना काल में तबाह हो चुकी है. सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे. मेरी राय में सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करना चाहिए। ताकि लोगो को काम मिले और अर्थवयवस्था फिर से रफ़्तार पकड़ सके. कोरोना के कारण उपजे आर्थिक संकट की वजह्कर लाखो संख्या में छोटे उद्योग बर्बाद हुए है. इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने से उद्योगों का विस्वास बढ़ेगा और अर्थवयवस्था उभरेगी।

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में राज्यों की हिस्सेदारी पर उन्होंने कहा की यह तो राज्यों का हक़ बनता है. फिर सरकार किस मुँह से इंकार कर रही है.

UDA (United Democratic Alliance) ने आज के प्रेस कांफ्रेंस में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों; बिहार में लचर कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और स्वच्छता सर्वेक्षण में बिहार के ख़राब प्रदर्शन पर सरकार से जवाब माँगा है.

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