जिप अध्यक्ष चुनाव में पशुओं की तरह पार्षदों की नीलामी

जिप अध्यक्ष चुनाव में पशुओं की तरह पार्षदों की नीलामी

जिप अध्यक्ष चुनाव में पशुओं की तरह पार्षदों की नीलामी

संजय वर्मा

पंचायत चुनाव के पूरा होते ही जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनने के लिए पार्षदों की नीलामी के लिए खुले बाजार में पशुओं की तरह बोली लगाने को तैयार हैं।

निर्वाचन आयोग पटना ज़िला परिषद अध्यक्ष पर काबिज होने के लिये पार्षदों के बीच गहमागहमी खूब बढ़ गई है अध्यक्ष पद के दावेदार ऊंची बोली लगाकर पार्षदों को अपने खेमे में लाने की जोर आजमाइश कर रहे हैं।

संपतचक की स्तुति गुप्ता अभी ही खुद को स्वतः अध्यक्ष घोषित कर चुकी हैं तो पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष संपतचक अपनी पुरानी सीट से हार तथा फतुहा से जीतने के बाद फिर से कुर्सी पाने के लिये खूब कसरत कर रही हैं।

बख्तियार से जीती रुन्नी देवी गॉडफादर के जरिये अध्यक्ष पद पाने की लालसा पाल रखी है तो खुसरूपुर की रूबी देवी अध्यक्ष बनने के लिये पुराने मैनेजरों के गच्चा देने के बाद किसी गॉडफादर की तलाश में है। जो हो इस पद की रेस में शामिल पार्षद अन्य ज़िला पार्षदों को अपने पाले में करने के लिये खूब बोली लगा रही हैं । जानकारी है कि 4 लाख से शुरू हुई बोली अब 10 लाख प्रति पार्षद हो गई है ।यानी अध्यक्ष बननेवाला दो से ढाई करोड़ तक खर्च करने को तैयार बैठा है।

15 लाख तक लग सकती है बोली

चुनाव आते आते यह बोली 15 लाख प्रति पार्षद हो जाय तो कोई आश्चर्य नहीं क्योंकि हर अध्यक्ष बननेवाली दावेदार को नेपथ्य से दबंगो ठेकेदारों द्वारा हैंडिल किया जा रहा ये विशुद्ध रूप से जिला परिषद को बिज़नेस सेंटर मान कर धन लगाएंगे और 5 गुना कमाएंगे यही मंसूबा रख करोड़ो लगाने को तैयार हुए हैं मतलब 5 करोड़ लगाएंगे 25 करोड़ कमाएँगे अध्यक्ष कठपुतलियों की तरह उनके इशारों पर कत्थक करेंगे

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