तेजस्वी के किताब-कलम पर जोर का नीचे भी दिखने लगा असर

तेजस्वी के किताब-कलम पर जोर का नीचे भी दिखने लगा असर

RJD-2 : तेजस्वी यादव ने गुलदस्ता के बदले किताब-कलम देने का आह्वान किया, तो अब इसका असर चार तरह से दिखने लगा है। दो सकारात्मक, दो नकारात्मक।

कुमार अनिल

बिहार में नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद तेजस्वी यादव ने दो आह्वान किया। पहला कि कोई जश्न नहीं मनाना है, सभी लोग अपने काम पर लग जाएं। दूसरा कि स्वागत-अभिनंदन के लिए आने वाले शुभचिंतक गुलदस्ता भेंट नहीं करें। पांच रुपए की कलम दें या कोई किताब। कलम और किताब से स्वागत करने के आह्वान का असर चार तरह से दिख रहा है। इनमें दो सकारात्मक असर है और दो नकारात्मक। आइए, पहले दो सकारात्मक असर की बात कर लें।

नौकरशाही डॉट कॉम ने कई जिलों से जानकारी जुटाई, जिसके अनुसार अब जो मंत्री अपने जिले में जा रहे हैं, उन्हें अधिकतर लोग कलम भेंट कर रहे हैं। यही नहीं, राजद के नेताओं का भी लोग कलम भेंट करके स्वागत कर रहे हैं। कलम स्वीकार करनेवाले मंत्री और नेताओं को बिल्कुल नई अनुभूति हो रही है। स्वागत करनेवाले लोग भी खुश हैं। कई नेताओं ने बताया कि जो कलम जनता ने दी है, उन्हें वे राजद कार्यालय में जमा कर देंगे।

तेजस्वी यादव के कलम वाले आह्वान और मंत्रियों के लिए छह सूत्री दिशा-निर्देश का असर गांव और खास समाजिक आधार वाले टोलों में भी दिख रहा है। पटना के कंकड़बाग इलाके में बाइपास किनारे के एक टोले से जानकारी मिली कि एक युवक किसी बात पर एक दुकानदार से उलझ रहा था, तो दूसरे व्यक्ति ने टोक दिया। कहा, जो बात करना है, शांति से करो। टोकने वाले व्यक्ति ने यह भी कहा कि तुम्हारे जैसे लोगों के कारण ही सरकार बदनाम हो जाएगी। नौकरशाही डॉट कॉम को इसी तरह के असर की खबर अन्य जिलों से भी मिली है। आप इसे आरजेडी-2 की संक्रमण प्रक्रिया कह सकते हैं। हालांकि, अभी अनेक बाधाएं आएंगी और देखना है कि तजेस्वी यादव उन पर किस प्रकार नियंत्रण कायम करके आगे बढ़ते हैं।

राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि तेजस्वी यादव के कमल-किताब से नेताओं का स्वागत करने तथा छह सूत्री दिसा-निर्देश का असर न सिर्फ मंत्रियों, विधायकों पर पड़ रहा है, बल्कि मुहल्ले के कार्यकर्ताओं पर भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है।

कलम-किताब और छह सूत्री दिशा निर्देश के दो नकारात्मक असर भी दिख रहे हैं। कलम पर जोर और तेजस्वी यादव की प्राथमिकताओं से शिक्षक अभ्यर्थियों को आभास हो गया है कि अब जल्द नियुक्ति होगी। शिक्षा मंत्री ने कहा है, थोड़ा वक्त दीजिए। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि कल तक जो लोग शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन से दूर थे, वे भी जल्द नियुक्ति को देख अचानक सक्रिय हो गए हैं।

एक दूसरा नकारात्मक असर भाजपा समर्थकों पर दिखा। नौकरशाही डॉट कॉम ने इनसे तेजस्वी की नई पहल के बारे में पूछा कि ऐसी पहल कभी भाजपा ने नहीं की, तो उनका कहना है कि कलम-किताब या छह सूत्री दिशा-निर्देश आई-वाश (दिखावा) है। इसका समाज पर कोई असर नहीं होगा।

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