अनुसूचित जनजातियों के साक्षरता स्तरों में सुधार

जनगणना आंकड़ों के आधार पर, अखिल भारतीय अनुसूचित जनजातियों (एसटी) की साक्षरता दर 2001 के 47.1 प्रतिशत से बढ़ कर 2011 में 59.0 प्रतिशत हो गई है. यह जानकारी आज लोकसभा में केंद्रीय जनजातीय मामले राज्य मंत्री जसवंत सिंह भाभोर ने लिखित उत्तर में दी.
नौकरशाही डेस्क

अनुसूचित जनजातियों की साक्षरता दर 2011 में समग्र साक्षरता दर (73 प्रतिशत) की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत कम थी। बहरहाल, इस अंतराल में 1991 के 22.6 प्रतिशत एवं 2001 के 17.7 प्रतिशत के मुकाबले 2011 में 14प्रतिशत तक कमी आ चुकी है.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, वरिष्ठ माध्यमिक (कक्षा 10 से कक्षा 12) स्तर पर एसटी छात्रों के लिए सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 2013-14 के 35.4प्रतिशत से बढ़ कर 2015-16 में 43.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है. वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर एसटी छात्रों के लिए लैंगिक समानता सूचकांक (जीपीआई) भी 2013-14 के 0.93 प्रतिशत से बढ़ कर 2015-16 में 0.97 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

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