विधान सभा ने बजट 2017-18 को दी मंजूरी

 बिहार विधानसभा में मद्यनिषेध मंत्री जलील मस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच आज वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट पारित हो गया।  वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने विपक्ष के हंगामे के बीच सभा में वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुये कहा कि नये वित्त वर्ष के बजट में सरकार का फोकस राज्य के विकास, गरीबी उन्मूलन और वित्तीय स्थायित्व लाने पर है।abd

 

उन्होंने कहा कि विकास के लिए वित्त वर्ष 2016-17 में 71501.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे नये वित्त वर्ष में 13.13 प्रतिशत बढ़ाकर 80891.61 करोड़ रुपये कर दिया गया है।  श्री सिद्दीकी ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में ग्रामीण विकास का बजट 76.36 प्रतिशत बढ़ाकर 9717.48 करोड़ रुपये और ग्रामीण कार्य विभाग का बजट 33.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर 9518.05 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही पंचायती राज विभाग का कुल बजट प्रावधान 8694.43 करोड़ रुपये है जो पूर्व वित्त वर्ष की तुलना में 21.03 प्रतिशत अधिक है।

 

श्री सिद्दीकी ने कहा कि कृषि विकास दर के बारे में कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से अनुकूल वर्षा नहीं होने के कारण पूरे देश की कृषि विकास दर में कमी आई है। इन सबके बावजूद वर्ष 2016 में बिहार में खाद्यान्न का बम्पर उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य को वर्षा के उथल-पुथल से मुक्त करने के लिए सिंचाई पर विशेष फोकस करते हुये नये वित्त वर्ष के बजट में जल संसाधन विभाग के लिए 3814.07 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले 67.35 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि विकास सरकार की प्राथमिकता है। धान की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक यंत्र खासकर पैडी ट्रांसप्लांटर और पैडी ड्रम सीडर को बढ़ावा देने के साथ ही जीरो टिलेज विधि से गेहूं की खेती को प्रोत्साहित करने, कस्टम हायरिंग केंद्र (कृषि यंत्र बैंक) का विस्तार करने तथा प्रत्येक किसान को दो वर्ष में मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि 362 प्रखंडों में ई-किसान भवन निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। कृषि शिक्षा के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए प्रत्येक मधावी छात्र को प्रतिमाह 2000 रुपये स्टाइपेंड और पुस्तक खरीदने के लिए प्रतिवर्ष 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है। जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 18 हजार 730 वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों की स्थापना की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*