लालू की राह तेजस्वी, 24 घंटे में रिक्शाचालकों के लिए आश्रयस्थल

लालू की राह तेजस्वी, 24 घंटे में रिक्शाचालकों के लिए आश्रयस्थल

कभी लालू प्रसाद ने पहली बार शहरी गरीबों के लिए आश्रय स्थल बनाने की शुरुआत की थी। अब तेजस्वी के निर्देश पर 24 घंटे में रिक्शाचालकों के लिए बना आश्रयस्थल।

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पहले रात दो बजे सड़क किनारे शहरी गरीबों के लिए बने आश्रय स्थल का दौरा किया। सबके बीच कंबल वितरित किया। अब उनके निर्देश पर 24 घंटे में रिक्शा चालकों तथा ठेला चालकों के लिए आश्रय स्थल बन कर तैयार हो गया। अब इसमें रिक्शा-ठेला चालक भी रात में चौन से सो सकेंगे। रिक्सा चालकों ने मांग की थी कि उनके लिए भी आश्रय स्थल बनाए जाएं, जहां उनके रिक्शा-ठेला को रखने की की भी व्यवस्था हो। ये आश्रय स्थल पटना के दारोगा राय पथ और वीर चंद पटेल पथ पर बनाए गए हैं।

कभी लालू प्रसाद ने शहरी गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। उन्होंने ही सबसे पहले जाड़े की रात में इन गरीब मजदूरों के लिए आश्रय स्थल (रैन बसेरा) बनाया था। तब ग्रामीण गरीबों के लिए इंदिरा आवास बनते थे, पर शहरी गरीबों के लिए कोई योजना नहीं होने पर लालू ने ही पहली बार जो गरीब जहां झोंपड़ी लगा कर बसे थे, वहीं उनके लिए पक्का मकान बनाया। अब लालू प्रसाद की उस परंपरा को तेजस्वी यादव ने आगे बढ़ाया है।

राजद ने सोमवार को जानकारी दी कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के निर्देश पर 24 घंटे के अंदर रिक्शा-ठेला चालकों की माँग पर आश्रय स्थल बनवाया गया। राजद ने भाजपा शासित यूपी में कंबल वितरण में धांधली की खबर भी शेयर की है। यूपी में कंबल खरीदने के लिए सरकार ने 15 लाख रुपए दिए। इस राशि से चार हजार कंबल खरीदे भी गए, लेकिन एक भी कंबल बांटा नहीं गया। राजद ने ट्वीट करके कहा-उत्तर प्रदेश का भाजपा शासन कंबलों के नाम पर लाखों गटक गया और बिहार के महागठबंधन शासन में मा० उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव अपने निजी कोष से कम्बल बाँट रहे हैं! भ्रष्टाचार बनाम समाजवाद की लड़ाई में विजय हमेशा समाजवाद की ही होती है।

इधर, राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि अनर्गल बयानबाजी कर टीआरपी बढ़ाने की प्रतियोगिता में भाजपा के चार प्रतियोगी नेताओं सुशील कुमार मोदी, संजय जायसवाल, विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी के बाद अब पांचवें प्रतियोगी के रूप में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय की भी इंट्री हो गई है। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है जिसे लेकर वह जनता के बीच जाएं , इसलिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के नजरों में अपने बिगड़े इमेज को ठीक करने के लिए अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं।

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