राफेल डील : शाह बोले – राहुल गांधी ने देश को किया गुमराह, प्रशांत भूषण बोले – SC का फैसला गलत

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले में आज केंद्र की मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है। मगर कोर्ट के फैसले के बाद इस पर राजनीति भी तेज हो गई है। जहां भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने इस मामले में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। वहीं इस मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट के फैसले को गलत बताया।

राफेल डील

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नौकरशाही डेस्‍क

राहुल गांधी ने किया गुमराह

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस को अपने झूठ के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।  कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने और अपनी पार्टी के फ़ायदे के लिए झूठ का सहारा लिया। कोरे झूठ पर देश को गुमराह किया। राहुल गांधी को ये बताना चाहिए कि उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उनका स्रोत क्या था।

काल्‍पनिक जगत बनाकर बैठी कांग्रेस

शाह ने कहा – राफेल मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए हम तैयार है और मैं कांग्रेस पार्टी को चुनौती देता हूँ की वो मुद्दे के आधार पर सदन में जितने समय तक चर्चा करना चाहते हैं करें।

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कांग्रेस पार्टी एक काल्पनिक जगत बनाकर बैठी हुई है जिसमें सच और न्याय की कोई जगह नहीं है। सवाल भी कांग्रेस पार्टी खड़े करती है, वकील भी वही हैं और न्यायाधीश भी वहीं है। आज कांग्रेस पार्टी देश के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल खड़ा कर रही है।

प्रशांत भूषण बोले – फैसला गलत

याचिकाकर्ताओं में से एक वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला एकदम गलत है। एयरफोर्स ने कभी नहीं कहा था कि 36 राफेल विमान चाहिए। एयरफोर्स से बिना पूछे मोदी जी ने फ्रांस में जाकर समझौता कर लिया इसके बाद तय कीमत से ज्यादा पैसा दे दिया।

ऑफसेट पार्टनर चुनने के मामले को कोर्ट ने माना गलत

भूषण ने कहा कि कोर्ट में कीमतों पर सीलबंद रिपोर्ट दे दी जिसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई. वहीं कोर्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनने के मामले में भी गलत नहीं माना है।

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कोर्ट का  कहना है कि दसॉल्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनना है। प्रशांत ने तर्क दिया कि रक्षा सौदे में बिना सरकार की सहमति के कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है।

गौरतलब है कि राफेल डील को लेकर मोदी सरकार ने पर कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष घोटाले का आरोप लगा रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई बार चुनावी रैलियों में राफेल डील पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इस घोटाले में शामिल थे और रिलायंस को सौदे में शामिल करने भी सवाल उठाए थे।

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