बिहार में हर दिन 4 बलात्कार और आठ दहेज उत्पीड़न की घटनाएं

बिहार में हर दिन 4 बलात्कार और आठ दहेज उत्पीड़न की घटनाएं

बिहार में हर दिन 4 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। सरकार देहज के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन हर दिन आठ दहेज उत्पीड़न की घटनाएं।

बिहार में महिला सशक्तीकरण की बहुत बात होती है, लेकिन राज्य में महिलाओं की स्थिति क्या है, यह बिहार पुलिस के आंकड़े ही बता देते हैं। सुबह से शाम ढलते-ढलते बिहार में हर दिन चार महिलाओं के साथ बलात्कार हो जाता है। रोज आठ से ज्यादा दहेज उत्पीड़न की घटनाएं होती हैं, जबकि राज्य सरकार दहेज के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है।

बिहार पुलिस द्वारा जारी नए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 317 बलात्कार की घटनाएं हो चुकी हैं। तीन महीने में 317 बलात्कार अर्थात रोज 3.5 से अधिक बलात्कार की घटनाएं हुईं। इसी दौर में दहेज उत्पीड़न की घटनाओं की संख्या रही 761 अर्थात रोज 8.4 से ज्यादा घटनाएं। इस साल पहले तीन महीनों में छेड़खानी के 92 मामले दर्ज किए गए। हालांकि छेड़खानी के सभी मामले पुलिस थानों तक नहीं पहुंचते। महिलाएं और परिवार सामाजिक प्रतिष्ठा पर आंच न आए, इसलिए कई बार थानों में नहीं जाते। बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार विभिन्न श्रेणी के महिला विरोधी अपराध और अन्य मामले आए उनकी कुल संख्या है 4036।

वर्ष 2022 मानव तस्करी के खिलाफ भी बिहार पुलिस का अभियान जारी है। पहली तिमाही में मानव व्यापार तथा बाल श्रम से संबंधित मामलों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। 18 वर्ष से कम उम्र की 19 युवतियों के पुलिस ने मुक्त कराया। वहीं इसी उम्र वर्ग में 52 किशोरों को मुक्त कराया।

बिहार पुलिस के जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में महिला फत्पीड़न की घटनाओं में कमी आई है। 2022 की तुलना में 2021 की पहली तिमाही में बलात्कार की 357 तथा दहेज उत्पीड़न की 846 घटनाएं हुई थी। छेड़खानी की 148 घटनाएं हुई थीं। इस तरह इस साल महिला विरोधी अपराध में कमी दर्ज की गई है।

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